
परिचय”अग्निपथ योजना”
अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) में सैनिकों की भर्ती की एक नई प्रक्रिया है। इसे भारत सरकार ने 14 जून 2022 को लॉन्च किया था। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को “अग्निवीर” कहा जाता है और वे चार वर्षों के लिए सेवा देंगे। यह योजना भारतीय सेना को अधिक युवा और सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। हालाँकि, इसकी घोषणा के बाद से ही इसे लेकर देशभर में मिश्रित प्रतिक्रियाएँ देखने को मिली हैं।
प्रमुख नियम
1. नौकरी अवधि – अग्निवीरों को 4 साल की सेवा के लिए भर्ती किया जाएगा।
2. आयु सीमा – भर्ती के लिए 17.5 से 21 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है। 2022 में पहली बार अधिकतम आयु सीमा 23 वर्ष तक बढ़ाई गई थी।
3. वेतन – पहले वर्ष में अग्निवीरों को ₹30,000 प्रति माह मिलेगा, जो चौथे वर्ष तक ₹40,000 हो जाएगा।
4. सेवा निधि पैकेज – 4 साल की सेवा पूरी करने के बाद, अग्निवीरों को लगभग ₹11.71 लाख की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
5. पेंशन व्यवस्था नहीं – इस योजना में पेंशन का प्रावधान नहीं है, लेकिन सेवा निधि प्रदान की जाएगी।
6. स्थायी भर्ती का अवसर – 4 वर्षों की सेवा के बाद, केवल 25% अग्निवीरों को नियमित किया जाएगा, बाकी को सेवा निधि देकर विदा कर दिया जाएगा।
7. अन्य लाभ – अग्निवीरों को ₹48 लाख का बीमा कवर मिलेगा और उन्हें विभिन्न सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
“अग्निपथ योजना” के लाभ
1.युवाओं के लिए सेना में अवसर – इस योजना से हर साल हजारों युवाओं को भारतीय सेना में सेवा करने का अवसर मिलेगा।
2.आधुनिक सेना निर्माण – युवा और प्रशिक्षित अग्निवीरों के माध्यम से सेना को अधिक आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।
3.अर्थव्यवस्था पर प्रभाव – सरकार के अनुसार, इस योजना से रक्षा बजट में पेंशन और अन्य खर्चों की बचत होगी।
4.अनुभव और स्किल डेवलपमेंट – अग्निवीरों को 4 वर्षों तक सेना में अनुशासन, नेतृत्व और तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे अन्य क्षेत्रों में रोजगार के लिए भी तैयार हो सकेंगे।
5 सेवा निधि का लाभ – 4 साल की सेवा के बाद मिलने वाली ₹11.71 लाख की राशि अग्निवीरों को नया करियर शुरू करने में सहायता करेगी।ये भी पढ़ाने ले “Social media” के बिना: एक नज़र दुनिया की ओर
“अग्निपथ योजना” से जुड़े विवाद और चुनौतियाँ
1. भविष्य को लेकर असुरक्षा – 4 साल बाद केवल 25% अग्निवीरों को स्थायी रूप से सेना में रखा जाएगा, जिससे बाकी युवाओं को नई नौकरी खोजनी पड़ेगी।
2. पेंशन न होना – इस योजना के तहत कोई पेंशन नहीं दी जाएगी, जो पारंपरिक सेना भर्ती से अलग है।
3. सेना की पेशेवर गुणवत्ता पर असर – कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 4 साल की छोटी अवधि के कारण सेना की युद्धक क्षमता प्रभावित हो सकती है।
4. युवाओं का विरोध – जब यह योजना शुरू हुई थी, तब कई राज्यों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। युवाओं ने इसे अस्थिर रोजगार बताया और लंबे कार्यकाल की मांग की।
5. राजनीतिक विवाद – कई विपक्षी दलों ने इस योजना की आलोचना की और इसे युवाओं के लिए अनिश्चित भविष्य की ओर धकेलने वाला बताया।
सरकार की प्रतिक्रिया
सरकार का कहना है कि यह योजना भारतीय सेना को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अग्निवीरों को अन्य सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी और वे निजी क्षेत्र में भी अच्छे अवसर प्राप्त कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह योजना राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूत बनाएगी और युवाओं को सेना की अनुशासनात्मक ट्रेनिंग से लाभ मिलेगा। अधिक जानकारी और भर्ती प्रकिया के लिए सरकार की वेबसाई https://164.100.158.23/AgnipathScheme.htm
निष्कर्ष
अग्निपथ योजना भारतीय रक्षा भर्ती प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है। यह सेना में भर्ती के लिए एक नई सोच को प्रस्तुत करती है, जिसमें युवा ऊर्जा और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दी गई है। हालाँकि, इस योजना में कुछ चुनौतियाँ और विवाद भी हैं, जिन्हें सरकार को भविष्य में सुधारने की आवश्यकता हो सकती है। यदि इसे सही ढंग से लागू किया जाता है और अग्निवीरों के लिए उचित पुनर्नियोजन के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं, तो यह योजना भारत की रक्षा प्रणाली को और मजबूत बना सकती है।